मुँह फुलाना,
समय गवाना ।
रो-रोकर दिखाना,
सर्वथा है मना ।
गीत गुनगुनाना ।
समस्या बताना ।
समाधान पाना ।
नहीं फिर कठिन है सरलता का पाना ।
सरलता ही तो है जी सुख का खजाना ।
✍🏻 रमेश चन्द जैन 'शास्त्री'
कोई भी संस्कृति हमारे द्वारा सीखे गये विचार और विवेक के आधार पर आगे बढ़ती है जिसमें, विचार जो कि हमें दिशा देते है वह शास्त्रों के आधार ...
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