Wednesday, January 2, 2019

एक बार आज़्मा कर तो देखो...................


मुँह फुलाना,
समय गवाना ।
रो-रोकर दिखाना,
सर्वथा है मना ।
गीत गुनगुनाना ।
समस्या बताना ।
समाधान पाना ।
नहीं फिर कठिन है सरलता का पाना ।
सरलता ही तो है जी सुख का खजाना ।

✍🏻 रमेश चन्द जैन 'शास्त्री'

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