Thursday, December 20, 2018

कैसी होती है माँ ???

माँ,
वास्तव में कॊन है माँ  ?
दरअसल सच कहूं ,
तो एक नहीं दो है माँ
बस थोड़ा सा अन्तर है वो ये कि
पहली हमें इस संसार में लाती है
दूसरी हमें इस संसार से ले जाती है।
पहली हमें इस संसार में आगे बढ़ाती है
दूसरी हमें इस संसार से आगे बढ़ाती है ।
पहली हमारे दर्द को दबाती है
दूसरी हमारे दर्द को मिटाती है ।
पहली हमें सुलाती है
दूसरी हमें जगाती है ।
पहली तो किसी एक-दो की होती है माँ
पर दूसरी तो जग भर की होती है माँ।
पहली संसार में एक-दो को लाती है
पर दूसरी  संसार से अनंतों को ले जाती है।

✍🏻 साकेत जैन शास्त्री 'सहज'

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