Wednesday, March 20, 2019

होली हो तो ऐसी......

रंगत रंगों से नहीं मन की उमंगों से आती है,
और मन की उमंग हुड़दंगों से नहीं सत्संगों से आती है ।

होली पर दहन करना है तो मन की कलुषता का करें,
 रंग रंगना है तो रंग सद्भावना का रंगे ।

क्योंकि मन में खुशी हो तो लबो पर मुस्कुराहट आती है ।
और ये मुस्कुराहट ही तो है जो जीवन में असली रंग लाती है ।

✍🏻 साकेत जैन शास्त्री 'सहज'

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